चैप्टर=1
एक लड़का जिसका नाम विक्रम राजवंश था। वे अपने बेड पर अपनें नीचे लेटी हुई बिना किसी कपड़ो से अपनी डॉल के दोनो सीने को जोर जोर से दबाते हुए बोला । । । । । । । । ।
" डॉल इसमें से दूध क्यू नही निकल रहा है । मुझे तुम्हारा दूध पीना है अभी के अभी । । । । । । । । । । "
विक्रम की बात सुनकर विक्रम के नीचे लेटी लड़की जिसका नाम मुस्कान था । वे रोते हुए बोली। । । । । । । । । ।
" विक्रम जी प्लीज अब इसे मत दबाइए ना अब मुझे दर्द हो रहा है और दूध अभी नही निकलता । जब लड़की प्रेगनेंट होती है और एक बच्चा जन्म लेता है तब उसके शरीर में दूध बनता है । । । । । । । । । । "
अपनी डॉल की बात सुनकर विक्रम गुस्से में अपनी डॉल को देखते हुए बोला । । । । । । । । । ।
" डॉल तुम झूठ बोल रहीं हो ना । जरूर तुम झूठ ही बोल रहीं हो । ऐसा कुछ नही होता । मै तुम्हे छोड़ दू इसलिए तुम मूझसे झूठ बोल रहीं हो ना डॉल पर उसका कोई फायदा नही । आज मै तुम्हारे इन दोनो संतरों में से दूध निकाल कर ही रहूंगा । । । । । । । । । । "
इतना बोल वे मुस्कान के ऊपर झुक उसके सीने को जोर जोर से सक करने लगता था ताकी उसमे से एक बूंद तो दूध निकल जाए क्युकी उसे आज अपनी डॉल का दूध पीने का बहुत मन था । । । । । । । । । ।
वही विक्रम के इस तरह अपनी निपल को सक करता हुआ देख मुस्कान को काफी दर्द हो रहा था । मगर उसके शरीर में हलचल भी हो रही थी । जिस वजह से वे अपनी दर्द और मदहोशी की भरी आहे भरने लगती है । । । । । । । । । ।
जिसे सुन विक्रम और भी ज्यादा एक्साइटेड हो जाता हैं और जोर जोर से मुस्कान की निपल को सक करने लगता है । लेकिन कुछ देर बाद जब वे देखता है कि उसमें से एक बूंद भी दूध नही निकल रहा है तो वे अपनी डॉल की तरफ देख नाराजगी से बोला । । । । । । । । । ।
" डॉल तुम किसी काम की नही । क्या फायदा तुम्हारे दो दो बच्चे होने का जब तुम उनमें से दूध ही ना निकाल पाओ। । । । । । । । । । "
इतना बोल वे मुस्कान के सीने की तरफ देखता है और उसके सीने को अपनी गुस्से भरी नजरो से घूरते हुए अपनें साइको अंदाज में बोला । । । । । । । । । ।
" डॉल नही गलती तुम्हारी नही है । गलती तो सिर्फ़ और सिर्फ़ मेरे इन दोनो बच्चो की है जो इतने गोल गोल होने के बावजूद उसमें से दूध ना निकाल पाए । । । । । । । । । । "
इतना बोल वे सीने के बीचों बीच मुस्कान के निपल पर अपनी नज़रे करते हुए बोला । । । । । । । । । ।
" डॉल देखो दोनो बच्चो के मुंह कितने लाल है । मगर ये फिर भी इस मे से मेरे लिए एक बूंद भी दूध नही निकाल सकते । लगता हैं डॉल इन्हे सजा देनी पड़ेगी । । । । । । । । । । "
इतना बोल वे मुस्कान के सीने को घूरते हुए अपने हाथो से अपने दोनो बच्चो को मारते हुए और एक हाथ के उनके बीचों बीच निकले मुंह को पकड़ दबाते हुए गुस्से में बोला । । । । । । । । । ।
" तुम दोनो बच्चे नालायक हो जो अपने बाप को एक बूंद भी दूध नही पीला सकते । क्या फायदा तुम दोनो को मेरी डॉल के शरीर में होने का जब तुम दोनो अपने बाप की प्यास ही नही बुझा सकते । बोलो क्या फायदा । । । । । । । । । । "
इतना बोल वे मुस्कान के सीने पर एक के बाद एक थप्पड़ मारने लगता हैं । जिसके अब तक उसका दोनो सीना बिलकुल लाल हो गया था । जिस वजह से मुस्कान अपनी आंखो में आंसु लिए अपने सीने को कवर करते हुए बोली। । । । । । । । । ।
" विक्रम जी प्लीज प्लीज अब इन्हे मत मारिए । मुझे दर्द हो रहा है । और देखिए ना आपके बच्चे भी कितने लाल हो गए हैं । प्लीज इन्हे छोड़ दीजिए । । । । । । । । । । "
मुस्कान की बात सुनकर विक्रम मुस्कान का हाथ उसके सीने से हटा अपने दोनो बच्चो को देखता है जो पूरे लाल हो चुके थे । जिसे देख विक्रम झुक कर अपने दोनो बच्चो के साथ कुछ ऐसा करता है जिसके मुस्कान की चीख निकल जाती है । । । । । । । । । ।
❤️❤️❤️❤️
हेलो दोस्तो फर्स्ट चैप्टर पढ़ कर समझ आ गया होगा कि ये किस तरह की स्टोरी है तो प्लीज जो इस स्टोरी को पढ़ने में कंफर्टेबल हो वही पढ़े और जो इस तरह की स्टोरी ना पढ़ता हो वे ना पढ़े। क्यूंकि आगे की स्टोरी इसके भी ज्यादा डार्क रोमांस से भरी रहने वाली है।


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